समांतर प्लेट संधारित्र किसे कहते हैं।समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक। समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता की निर्भरता
विषयवस्तु:-
1. समांतर प्लेट संधारित्र
2.समान्तर-प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक
3.समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता को कैसे बढ़ाए
1.समांतर प्लेट संधारित्र:-
समान ज्यामिति एवं समान क्षेत्रफल की दो धातु प्लेट परस्पर अल्प दूरी पर एक दूसरे के समांतर स्थित हो तो यह व्यवस्था, समांतर प्लेट संधारित्र कहलाती है।
यह संधारित्र एक ऐसी युक्ति है। जिसकी सहायता से चालक के आकार एवं आयतन में बिना परिवर्तन किए उसकी विद्युत धारिता बढायी जा सकती है।
नोट:- स्मांतर प्लेट संधारित्र जानने से पहले आपको पता होना चाहिए कि -संधारित्र किसे कहते है। संधारित्र का सिद्धांत।संधारित्र के प्रकार।संधारित्र का संयोजन।संधारित्र का उपयोग।
2.समान्तर-प्लेट संधारित्र की धारिता का व्यंजक-
चित्र में एक समान्तर-प्लेट संधारित्र दिखाया गया है जिसमें मुख्यत:
धातु की लम्बी व समतल दो प्लेटें Xव Y होती हैं जो एक-दूसरे के
आमने-सामने थोड़ी दूरी पर दो विद्युतरोधी स्टैण्डों में लगी रहती हैं।
इन समान्तर-प्लेटों के बीच वायु के स्थान पर कोई विद्युतरोधी माध्यम
(परावैद्युतांक K) भरा है। समतल प्लेटों में से प्रत्येक का क्षेत्रफल A
मीटर तथा उनके बीच की दूरी d मीटर है। जब प्लेट X को +q
आवेश दिया जाता है तो प्रेरण के कारण प्लेट Y पर अन्दर की ओर -
q आवेश तथा बाहर की ओर +q आवेश उत्पन्न हो जाता है, चूंकि
प्लेंट Y पृथ्वी से जुड़ी है; अतः इसके बाहरी तल का +q आवेश
पृथ्वी में चला जाएगा अंतः प्लेटों के बीच वैद्युत-क्षेत्र उत्पन्न हो जाएगा
और लगभग सभी जगह विद्युत क्षेत्र की तीव्रता एकसमान होगी।
3.समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता को निम्नलिखित प्रकार से बढ़ाया जा सकता है-
समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता के सूत्र से
C= Aε₀K / d फैरड
जहां A = प्लेटो का क्षेत्रफल,
ε₀ = वायु अथवा निर्वात की विद्युतशीलता,
k = परावैद्युतांक तथा
d= प्लेटों के बीच की दूरी और
C = समांतर प्लेट संधारित्र की धारिता है।
1. प्रयुक्त प्लेटें अधिक क्षेत्रफल(A) की होनी चाहिए।
2. प्लेटों के बीच ऐसा माध्यम रखना चाहिए जिसका परावैद्युतांक अधिक हो।
3. प्लेटों के बीच की दूरी (d) कम लेनी चाहिए अर्थात् प्लेटें परस्पर समीप रखनी चाहिये।
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1.संधारित्र की धारिता। धारिता का मात्रक। 1 फेरैड की परिभाषा। संधारित्र की धारिता की निर्भरता
2.विद्युत धारा।विद्युत धारा का SI मात्रक।विमीय सूत्र। दिशा।विद्युत धारा के प्रकार। मापन
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